राधे राधे रट ले रे सुबह शाम

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

राधे राधे रट ले रे,

सुबह शाम जप ले रे,

कट जायेंगे तेरे दोष रे।।

कृष्ण की है साधना ये शक्ति का रूप है,

पावन पुनीत नाम रूप ये अनूप है.....-2

रसिकों ने रटा है संतों ने जपा है,

सच्ची है बात जरा सोच रे,

राधे राधे.....रट ले रे.......

जिसके भी होंठों पे राधा का नाम है,

उसके तो जीवन में हर पल आराम है....-2

नाम ये अनूठा है मिश्री सा मीठा है,

सच्ची है बात जरा सोच रे,

राधे राधे.....रट ले रे.......

बरसाने वाली की प्यारी सी सूरत है,

चोखानी राधा की कृपामयी मूरत है....-2

शिवानंद जपता है राधा राधा रटता है,

सच्ची है बात जरा सोच रे,

राधे राधे रट ले रे,

सुबह शाम जप ले रे,

कट जायेंगे तेरे दोष रे।।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।