जय गणपति दुविधा हटी जो तुमको किया प्रणाम

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

जय गणपति दुविधा हटी,

जो तुमको किया प्रणाम,

नाम जो ले तेरा सबसे पहले,

पूर्ण करना काम ॥

जय गणपति दुविधा हटी..हो.....

रिद्धि सिद्धि के तुम दाता,

प्रथमे तुम्हें मनाएं हम,

विघ्न हरण है सुखदाता,

सब सुख तुम्ही से पाए हम,

देवी देव मनाए तुमको,

हम बालक अनजान,

जय गणपति दुविधा हटी..हो.....

मिटते शक्ल क्लेश ही,

नाम गजानन ध्याने से,

काम सफल हो जाते सारे,

गौरी लाल मनाने से,

अच्छा होता है गणपति,

जपने का अंजाम,

जय गणपति दुविधा हटी..हो....

तीनो लोक के स्वामी हो,

मूषक बना सहायक है,

नाम अनेकों प्रभु तेरे,

वक्रतुंड गणनायक है,

कर लो अब स्वीकार विनायक,

करता श्याम प्रणाम,

जय गणपति दुविधा हटी,

जो तुमको किया प्रणाम,

नाम जो ले तेरा सबसे पहले,

पूर्ण करना काम ।

जय गणपति दुविधा हटी..हो.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।