बाजें सांसो की शहनााई

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

बाजें सांसो की शहनााई,

मैया निर्धन के घर आई,

मेरी अखियां खुशी से आज रो पड़ी,

कर दी मैया ने पवित्र मेरी झोंपड़ी,

कर दी मैया ने.......

देखो सच हुआ सपना गरीब का,

पासा पलट गया मेरे नसीब का,

मिले ममता की छांव,

धरती पे ना पड़े पांव,

आई खुशियां मनाने की है यह घड़ी,

कर दी मैया ने पवित्र मेरी झोपड़ी.....

देखो आई वो तो मेवा मिश्री खाने,

भोग हलवा पूरी का लगाने,

मईया घर में आन बिराजी,

भोग लगाये राजी राजी,

यहाँ रूखी सुखी खाये बिना चोपड़ी,

कर दी मैया ने पवित्र मेरी झोपड़ी.....

जैसे राम जी ने शबरी को तारा,

वैसे कृष्ण ने विदुर को उभारा,

वैसे अंबे आदि भवानी,

जय जय जगदंबे महारानी,

हमें तारने को आयी सिंधु पे चढ़ी,

कर दी मैया ने पवित्र मेरी झोपड़ी......

उसे जाने नहीं दूंगी किसी और से,

उसे बांध लूंगी भावना की डोर से,

मैया भक्तों की रखवाली,

सबकी रक्षा करने वाली,

उसकी सेवा में रहूंगी सदा मैं खड़ी,

कर दी मैया ने पवित्र मेरी झोपड़ी,

बाजें सांसो की शहनााई,

मैया निर्धन के घर आई,

मेरी अखियां खुशी से आज रो पड़ी,

कर दी मैया ने पवित्र मेरी झोंपड़ी.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।