हे गणनायक जय सुखदायक

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

( गणपति नमः, गणपति नमः,

गणपति नमः, गणपति नमः, xll )

हे गणनायक, जय सुखदायक ll,

जय गणपति, गणराज़ रे,,, ll

( गणपति नमः, गणपति नमः,

गणपति नमः, गणपति नमः, xll )

शँकर सुवन, भवानी के नंदन,

^गौरी पुत्र गणेश, गौरी पुत्र गणेश ll

जो कोई मानव, तुझको ध्यावे ll,

मिट जाए, सब क्लेश l

विघ्ननायक, कष्टनिवारक ll,

हे गणपति, गणराज़ रे,,,

( गणपति नमः, गणपति नमः,

गणपति नमः, गणपति नमः, xll )

हे गणनायक, जय सुखदायक ll,

जय गणपति, गणराज़ रे,,, l

गणपति नमः, गणपति नमः,

गणपति नमः, गणपति नमः, xll

लम्बोदर गज़, वदन विनायक,

^मन में करो बसेरा, मन में करो बसेरा ll

दर्शन पाकर, तेरा दाता ll,

हो जाए दूर अँधेरा l

ऐसी शक्ति, दे दो मुझको ll,

जपते रहे, तेरा नाम रे,,,

( गणपति नमः, गणपति नमः,

गणपति नमः, गणपति नमः, xll )

हे गणनायक, जय सुखदायक ll,

जय गणपति, गणराज़ रे,,, l

( गणपति नमः, गणपति नमः,

गणपति नमः, गणपति नमः, xll )

गौरी के तुम, पुत्र कहायो,

^मूषक वाहन सवारी, मूषक वाहन सवारी l

*भरी सभा में, आज तूँ भगवन ll,

राखो, लाज़ हमारी l

भक्तन के तुम, हो रखवारे ll,

पूरे करो, सब काज़ रे,,,

( गणपति नमः, गणपति नमः,

गणपति नमः, गणपति नमः, xll )

हे गणनायक, जय सुखदायक ll,

जय गणपति, गणराज़ रे,,, l

( गणपति नमः, गणपति नमः,

गणपति नमः, गणपति नमः, xll -llll)

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।