कलयुग में देव निराले बाबा ये खाटूवाले

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

कलयुग में देव निराले, बाबा ये खाटूवाले।

महिमा है इनकी अपरम्पार पूजे है सारा संसार,

प्रेमी ने जब भी पुकारा, लीले चढ़ काम सँवारा,

कहलाए जग में लखदातार पूजे है सारा संसार,

कलयुग में देव निराले, बाबा ये खाटूवाले,

महिमा है इनकी अपरम्पार पूजे है सारा संसार ॥

ऐसा ये देव दयालु जग में है चर्चा भारी,

अपने ही बने पराये साँची है इसकी यारी,

ढूंढ लो चाहे ज़माना ऐसा ना लखदातारी,

पांडव कुल के अवतारी शोभा है इनकी न्यारी,

सेठों में मोठे साहूकार पूजे है सारा संसार.....

सुनवाई होती पल में जो भी आता है हार के,

मिल जाती खुशियां सारी मौसम पाता बहार के,

कट जाए विपदा सारी जो भी जाता निहार के,

सूरत है भोली भाली अँखियाँ है कारी कारी,

कहलाता है ये पालनहार पूजे है सारा संसार.....

माथे पर हीरा चमके बाघा केसरिया पहने,

लीले का है सवारी सांवरिया के क्या कहने,

खुश होता हँसता देख के प्रेमी हैं इसके गहने,

गौरव की झोली खाली झोली वो किस्मत वाली,

भरते खुद श्याम धणी सरकार पूजे है सारा संसार,

कलयुग में देव निराले, बाबा ये खाटूवाले,

महिमा है इनकी अपरम्पार पूजे है सारा संसार ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।