हे लम्बोदर गणराजा

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

तू हर जर्रे जर्रे में रोशन रहता है,

तेरा सब पे, कर्म भी रहता है,

पड़ जाती है मेरी झोली छोटी,

मेरा गणेशा जब देता है।

तेरा दर तो हक़ीक़त में,

ख़ुशियों का ख़जाना है,

तेरा दर तो हकीकत में,

खुशियों का खजाना है,

हे लम्बोदर गणराजा,

तेरा जग तो निराला है।

तेरा दर तो हक़ीक़त में,

ख़ुशियों का ख़जाना है॥

किस किस से बताऊँ मैं,

क्या तेरा मेरा नाता है,

तू रहमत का दरिया है,

तू मेरा किनारा है,

तेरा दर तो हकीकत में,

खुशियों का खजाना है॥

बिगड़ी हुई तकदीरे,

तूने पल में सँवारी हैं,

गणराजा तेरी करुणा ने,

हम सबको ही पाला है,

तेरा दर तो हकीकत में,

खुशियों का खजाना है॥

मैं कैसे करूँ शुक्रिया,

इतनी मुझमें ताकत नहीं,

तूने लाज रखी तब तब,

मैंने जब जब पुकारा है,

तेरा दर तो हक़ीक़त में,

ख़ुशियों का ख़जाना है,

तेरा दर तो हकीकत में,

खुशियों का खजाना है,

हे लम्बोदर गणराजा,

तेरा जग तो निराला है।

तेरा दर तो हक़ीक़त में,

ख़ुशियों का ख़जाना है......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।