माँ गौरा के लाल को प्रथम मनावा आज

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

माँ गौरा के लाल को, प्रथम मनावा आज,

आ जाओ गौरी लाला, सब पूरण करदो काज ॥

सब देवो में सबसे पहले, पूजा तुम्हारी होती है,

जब जब तेरा नाम है लेते, बाधा दूर सब होती है,

रिद्ध सिद्ध संग में ले आओ.....सब पूरण करदो काज,

माँ गौरा के लाल को.....

महादेव की आँख के तारे, माँ गौरा के प्यारे हो,

सब भक्तो के नैन की ज्योति, तुम जहाँ से न्यारे हो,

दिल के शीशे में बिठाके.....तेरी लेउँ नजर उतार,

माँ गौरा के लाल को.....

धुप दीप से करू आरती, मोदक भोग लगाऊं जी,

कर फूलों की माला लेकर, तुमको आज चढ़ाऊँ जी,

अशोक तेरे गुणगाये, ये भक्त तेरे गुणगाये,

सब देवो के सरदार ।

माँ गौरा के लाल को, प्रथम मनावा आज,

आ जाओ गौरी लाला, सब पूरण करदो काज,

माँ गौरा के लाल को, प्रथम मनावा आज.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।