पार्वती के लल्ला

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

गणपति आज पधारे घर मे, मच गाओ है ये हल्ला,

देखो आ गए है घर घर मे, पार्वती के लल्ला,

शिव गौरा की आंख के तारे, दिखे हैं बड़े मुटल्ला,

देखो आ गए है घर घर मे......

अरे प्रथम पूज्य गजानन तुम हो , देवों के सरदार,

तेरी कृपा हर दुःख मिट जावे, ओ मेरे सरकार,

अरे तेरे आने से हो जावे, गली गली में हल्ला,

देखो आ गए है घर घर मे......

अरे लंबोदर गजबदन कहाते, तेरी एक दंत पहचान,

तुझसा कोई जग में ना दूजा, है एसो तेरो नाम,

अरे रिद्धि सिद्धि के दाता तुम हो, मां गौरा के लल्ला,

देखो आ गए है घर घर मे......

अरे शाम सवेरे चारों पहर, मैं तेरा नाम पुकारूँ,

अरे पान सुपारी और लड्डू के, मैं तोहे भोग लगाऊं,

मूषक वाहन पे लम्बोदर, घूमें गली मोहल्ला,

देखो आ गए है घर घर मे......

सुख कर्ता दुख हर्ता तुम हो, ओ मेरे गणराज,

तेरे दर पे जो आ जावे, सफल करो सब काज,

विघ्नविनाशक विघ्नहरैय्या, शिव गौरा के लल्ला,

देखो आ गए है घर घर मे, पार्वती के लल्ला,

शिव गौरा की आंख के तारे, दिखे हैं बड़े मुटल्ला,

देखो आ गए है घर घर मे......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।