आना जी गणराज आना

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

आना जी आना गणराज आना

आना आंगन हमारे।।

आंगन हमारे आना, आंगन हमारे,

आना जी आना गणराज आना

आना आंगन हमारे।।

आप भी आना गौरा माता को लाना,

माता को लाना, गौरा माता को लाना,

जागेंगे भाग हमारे,

आना आंगन हमारे।।

आप भी आना भोले बाबा को लाना,

बाबा को लाना, भोले बाबा को लाना,

मूसा बाहन बारे,

आना आंगन हमारे।।

आप भी आना रिद्धि सिद्धि को लाना,

सिद्धि को लाना, रिद्धि सिद्धि को लाना,

भक्तन के रखबारे,

आना आंगन हमारे।।

आना जी आना गणराज आना

आना आंगन हमारे।।

आंगन हमारे आना, आंगन हमारे,

आना जी आना गणराज आना

आना आंगन हमारे।।

गीतकार /गायक-राजेंद्र प्रसाद सोनी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।