हमारा प्रेम पुराना है हम तो श्याम से मिलने आये

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

हमारा प्रेम पुराना है हम तो श्याम से मिलने आये

श्याम से मिलने आये हम श्याम से मिलने आये

हमारा सेठ पुराना है हम तो श्याम से मिलने आये

फागुन महीना आता पग में घुँघरू से बंध जाते

माने ना ये मन मतवाला खुद को रोक ना पाते

मेला एक बहाना है हम तो श्याम से मिलने आये

श्याम से मिलने आये हम श्याम से मिलने आये

हमारा सेठ पुराना है...........

जब भी इनको याद करे कभी ना देर लगाता

याद बाद में करतें हैं ये उससे पहले आता

इनसे प्रेम बढ़ाना है हम तो श्याम से मिलने आये

श्याम से मिलने आये हम श्याम से मिलने आये

हमारा सेठ पुराना है...........

श्याम का ये परिवार बड़ा है हम भी इसके अंग है

कोई नहीं पराया सारे एक दूजे के संग है

हमारा एक घराना है हम तो श्याम से मिलने आये

श्याम से मिलने आये हम श्याम से मिलने आये

हमारा सेठ पुराना है...........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।