ये जलवा श्याम का जलवा है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जलवा दिखा के श्याम ने,

दीवाना कर दिया,

खुद शमां बन गए हैं,

हमें परवाना कर दिया,

होंसला देखो,

मेरी सादादिली का यारो,

इश्क़ करता था मगर,

इश्क़ को मैं समझा ही नहीं,

अक्लवालों मेरा मयार जुनूँ तो देखो,

उसपे मरता था जिसे,

आँख से देखा ही नहीं ।

श्री श्याम, श्री श्याम,

ये जलवा श्याम का जलवा है,

ये बाबा श्याम का जलवा ॥

अँधेरी रात है साया तो हो नहीं सकता,

ये कौन है जो मेरे साथ साथ चलता है,

ये जलवा श्याम का जलवा है,

ये बाबा श्याम का जलवा,

ये खाटू श्याम का जलवा है॥

जिसे देखो वो बैठा है,

घर का घर लुटाने पर,

ये क्या जादू किया है बाबा,

इस ज़माने पर,

हाथों में तेरे कोई करिश्मा जरूर है,

आँखों में तेरे कोई करिश्मा जरूर है,

तू जिसको देखता है, तड़पता जरूर है,

तू जिसको देखता है, तड़पता जरूर है,

ये जलवा श्याम का जलवा है,

ये बाबा श्याम का जलवा,

ये खाटू श्याम का जलवा है॥

तुझे ढूंढा यहाँ तुझे ढूंढा वहाँ,

काशी ढूंढा, काबा ढूंढा,

जंगल ढूंढा, बस्ती ढूंढा,

ढूंढा मंदिर मंदिर,

सारे जगत में ढूंढ चुका,

तू बैठा खाटू अंदर,

ये जलवा श्याम का जलवा है,

ये बाबा श्याम का जलवा,

ये खाटू श्याम का जलवा है॥

मेरे परदे में आकर और कोई,

तमाशा कर रहा है और कोई,

हमको तो दर दर फिराया श्याम ने,

खाटू आकर घर बनाया श्याम ने,

हमको अपने देखने के वास्ते,

हमको तो आईना बनाया श्याम ने,

ये ना पूछो कैसे दीवाने बने,

श्याम ने चाहा तो हम मस्ताने बने,

श्याम ने चाहा तो हम मस्ताने बने,

ये जलवा श्याम का जलवा है,

ये बाबा श्याम का जलवा,

ये खाटू श्याम का जलवा है......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।