वो प्राणों से प्यारे भैया

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

रह रह के ख्याल तेरे और ये मन में ना आते,

अगर तू ना होती, अगर तू ना होती,

वो प्राणों से प्यारे भैया वन में ना जाते,

अगर तू ना होती, अगर तू ना होती.....

सुनी ना होती वो मांग तेरी,

तो सूनी ना होती यह मांग तेरी,

पिताजी भी धोखा तुझसे, वचन में ना खाते,

अगर तू ना होती, अगर तू ना होती,

वो प्राणों से प्यारे भैया.......

साक्षी यह सारा रहेगा जमाना,

केकई कुमाता तुझको कहेगा जमाना,

अपयश के काले बादल, गगन में ना छाते,

अगर तू ना होती, अगर तू ना होती,

वो प्राणों से प्यारे भैया.......

तुझको मुबारक हो तेरी अयोध्या,

जहां राम वीर वहा पे मेरी अयोध्या,

कटु शब्द मन में अपने लाला ना लाते,

अगर तू ना होती, अगर तू ना होती,

वो प्राणों से प्यारे भैया.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।