प्रथम वन्दना गणपति आपकी

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

ना नेम संयम ना विधि जाप की,

प्रथम वंदना गणपति आपकी।।

हाथों में तुम नाथ मोदक लिए,

दर पे तेरे जलते घी के दिये।

हमें चाहिए बस....कृपा आपकी,

प्रथम वन्दना गणपति आपकी।।

ना नेम संयम ना.........

चूहे पे कितने सुघर लग रहे,

दामन गरीबों के तुम भर रहे।

दुआ चाहिए बस....प्रभु आपकी

प्रथम वन्दना गणपति आपकी।।

ना नेम संयम ना.........

माथे पे चंदन लगाए हुये,

लम्बी सूँड़ अपनी बढ़ाये हुए।

राजेन्द्र पर हो.....नज़र आपकी,

प्रथम वंदना गणपति आपकी।

ना नेम संयम ना विधि जाप की,

प्रथम वंदना गणपति आपकी।।

गीतकार /गायक-राजेन्द्र प्रसाद सोनी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।