क्या भोग लगाया जाए

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

क्या खिलाया जाए हाँ क्या पिलाया जाए

बोल भोले नाथ तुझे क्या भोग लगाया जाए

बोल भोले नाथ तुझे क्या भोग लगाया जाए

कैसे रिझाये भला कैसे मनाया जाए

बोल बाबा बोल तुझे क्या भोग लगाया जाए।।

आप खुश हो जाए मैं वही मंगवा दू,

आक धतूरे की बूटी बोलो पिसवा दू,

बोलो भोले जी बोलो जरा अंखिया तो खोलो,

बोलो भोले जी बोलो भांग घुटवा दूँ,

किशमिस डाली जाए, बादाम मिलायी जाए,

बोल बाबा बोल तुझे क्या भोग लगाया जाए,

बोल भोले नाथ तुझे क्या भोग लगाया जाए।।

बर्फी राबड़ी कलाकंद भी आ जाये,

हलवा पूरी कहो तो भोले बन जाए,

खीर चूरमे के साथ और क्या लाऊ,

दही मंगवाया जाये रायता मंगवाया जाए,

बोल बाबा बोल तुझे क्या भोग लगाया जाए,

बोल भोले नाथ तुझे क्या भोग लगाया जाए।।

बाबा आम अमरुद खालो खरबूजा,

सेब संतरा आनर ये लेलो तरबूजा,

काले अंगूर प्यारे संग में आलू बुखारे,

पियो रूहे अफ्जा,

दूध चढ़ाया जाए जो तेरे मन को भाये,

बोल बाबा बोल तुझे क्या भोग लगाया जाए,

बोल भोले नाथ तुझे क्या भोग लगाया जाए।।

गंगा के जल की काँवर भी मैं लाऊ,

बड़े प्रेम से भोले जी तुझे नेहलाओ,

बोलू बम बम का नारा जो तुझे लगे प्यारा,

भसम लगायी जाए शंख बजाये जाए,

बोल बाबा बोल तुझे क्या भोग लगाया जाए,

बोल भोले नाथ तुझे क्या भोग लगाया जाए

बोल भोले नाथ तुझे क्या भोग लगाया जाए.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।