सुन ले म्हारा भोला भंडारी

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

सुन ले म्हारा भोला भंडारी,

सुन ले, सुन ले म्हारा भोला भंडारी,

आउला थारे चरणा माहीं ठेठ,

खोलो ने म्हारा सुख का गेट,

सुन ले सुन ले म्हारा भोला भंडारी,

आउला थारे चरणा माहीं ठेठ।।

थाके चढ़ाऊँ, गाँजा और भंग,

बहत थाकि जटा माहीं गंग....-2

सुण ले, सुण ले म्हारा भोला भंडारी,

आउला थारे चरणा थारे माहीं ठेठ।।

थाका गला माहीं लटके कालो नाग,

रहवो थे भूतां के संग....-2

सुण ले, सुण ले म्हारा भोला भंडारी,

आउला थारे चरणा माहीं ठेठ,

सुण ले, सुण ले म्हारा भोला भंडारी,

खोलो ने म्हारा सुख का गेट।।

गौरा राणी सूं घुटवावे थे भंग,

करे सै वाने घणी थे तो तंग....-2

सुण ले, सुण ले म्हारा भोला भंडारी,

आउला थारे चरणा माहीं ठेठ,

सुण ले, सुण ले म्हारा भोला भंडारी,

खोलो ने म्हारा सुख का गेट।।

थांके पैदल पैदल आवे नर नार,

जटा में बहवे छै थांके गंग की धार....-2

सुण ले, सुण ले म्हारा भोला भंडारी,

आउला थारे चरणा माहीं ठेठ,

सुण ले, सुण ले म्हारा भोला भंडारी,

खोलो ने म्हारा सुख का गेट।।

थाका चरणा ने पुजू भोलानाथ,

करो ना म्हाकी पूरी अरदास....-2

सुण ले, सुण ले म्हारा भोला भंडारी,

आउला थारे चरणा माहीं ठेठ,

सुण ले, सुण ले म्हारा भोला भंडारी,

खोलो ने म्हारा सुख का गेट।।

थांकी डीजे बाजे झांकी माहीं,

मनीष जी डीकरण वालो,

खुशराज भाई, दिलवालो,

सुण ले, सुण ले म्हारा भोला भंडारी,

आउला थारे चरणा माहीं ठेठ ।।

प्रतीक मीणा करे गुणगान,

चरणा में थारे रहूं हरदम....-2

सुण ले, सुण ले म्हारा लकड़ेश्वर का नाथ,

आउला थारे चरणा माहीं ठेठ,

सुण ले, सुण ले म्हारा लकड़ेश्वर का नाथ,

खोलो ने म्हारा सुख का गेट।।

थारे पुष्पराज देवे धोक,

सुनों ने बाबा इकी अरदास.....-2

सुण ले, सुण ले म्हारा लकड़ेश्वर का नाथ,

आउला थारे चरणा माहीं ठेठ,

सुण ले, सुण ले म्हारा लकड़ेश्वर का नाथ,

खोलो ने म्हारा सुख का गेट।।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।