शिव धाम चल कांवरिया

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

बम बम भोले नाथ बम बम भोले नाथ

जय भोले की बोल के शिव धाम चल कांवरिया,

कांवर में तेरी गंगा जल है,

गंगा में शिव रहते है।।

बरसे घटा तो ओढ़ ले शिव नाम की चदरिया...-2

संग तेरे शम्भू हरपल है,

भोले के पुजारी कहते है,

गंगा में शिव रहते है।।

नाथ भोले नाथ भोले नाथ भोले नाथ ।

शिव की लगन में मगन होके जाना,

अगर चाहता है शिव को रिझाना....-2

ना देखना पैरो के छाले,

तुझे सबसे पहले जल है चढ़ाना,

ना कर फ़िक्र आंठो पहर भोले की है तुझपे नज़र,

हवाओ में वही रहते है,

भोले के पुजारी कहते है,

गंगा में शिव रहते है।।

जय भोले की बोल के शिव धाम चल कांवरिया,

कांवर में तेरी गंगा जल है,

गंगा में शिव रहते है।।

थक जायगा तू फल देंगे भोले,

तपस्या का तेरी फल देंगे भोले.....-2

झुकायेगा जाके चरणों पे सर को,

तेरी भाग्य रेखा बदल देंगे भोले,

थोड़ा सा है बस रास्ता,

भम भोले दे रख आस्था,

तेरे दुःख भोले बाबा सहते है,

भोले के पुजारी कहते है

गंगा में शिव रहते है।।

जय भोले की बोल के शिव धाम चल कांवरिया,

कांवर में तेरी गंगा जल है,

गंगा में शिव रहते है।।

बरसे घटा तो ओढ़ ले शिव नाम की चदरिया,

संग तेरे शम्भू हरपल है,

भोले के पुजारी कहते है,

गंगा में शिव रहते है......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।