तेरी महिमा कुछ और है कोई भी समझ न सका

पारंपरिक
अन्य भजन साईं भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

बाबा मेरे साईं बाबा जो तुझ से मिला है कंही न मिला ,

बाबा मेरे साईं बाबा जोह तुझ से मिला है कंही और न मिला .

तेरी महिमा कुछ और है ,कोई भी समझ न शका ,

बाबा मेरे साईं बाबा जो तुझ से मिला है वोह कंही न मिला .

तेरी ही सेवा साईं , कुछ और न काम कोई

कृपा जो तेरी हो जाए रख ना बस लाज मेरी .

तेरी महिमा कुछ और है ,कोई भी समझ न शका ,

बाबा मेरे साईं बाबा जो तुझ से मिला है वोह कंही न मिला .

शिर्डी है धाम तुम्हारा , हर दिल में रहते हो ,

भक्तो का दुःख हरते हो तुम , शुख के पल देते हो ,

तेरी महिमा कुछ और है ,कोई भी समझ न शका ,

बाबा मेरे साईं बाबा जो तुझ से मिला है वोह कंही न मिला .

'' साईं का दीवाना मन हमारा '' @ फेसबुक पेज

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।