जय महाकाल तेरी है महिमा अपार

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

जय महाकाल जय महाकाल,

तेरी है महिमा अपार,

जग में बड़ा बाबा तेरा है नाम,

जय हो तेरी भूतनाथ,

जग में बड़ा बाबा तेरा है नाम,

जय हो तेरी भूतनाथ॥

कब क्या हो जाये जग में प्रभु,

दुनिया की नही है खबर,

ये जिन्दगी बाबा लम्बा सफर,

पल भर के सब हमसफर,

चार दिन के महमान सब यहां,

फिर है बाबा तेरा नाम,

चार दिन के महमान सब यहां,

फिर है बाबा तेरा नाम,

जय महाकाल जय महाकाल,

तेरी है महिमा अपार॥

हँसते हुए तेरे द्वारे पे सब,

झूम झूम के आ जायेंगे,

जलती हुई भस्मी से प्रभु,

आरती करा जायेगे,

अरे भस्मी की रह जायेगी बस राख,

अरे भस्मी की रह जायेगी बस राख,

जय हो तेरी भूत नाथ,

जय महाकाल जय महाकाल,

तेरी है महिमा अपार,

जग में बड़ा बाबा तेरा है नाम,

जय हो तेरी भूत नाथ,

जग में बड़ा बाबा तेरा है नाम,

जय हो तेरी भूत नाथ.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।