ये जो बाबा का दरबार है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ये जो बाबा का दरबार है,

ये जो कान्हा का दरबार है,

मेरे जीने का आधार है,

मेरे जीने का आधार है,

मुझको दीवाना बना दिया,

अपना दीवाना बना दिया,

ये जो खाटू वाले का द्वार है,

ये जो घुसड़ी वाले का द्वार है,

यही तो मेरा संसार है,

यही तो मेरा संसार है,

मुझको दीवाना बना दिया,

अपना दीवाना बना दिया ॥

तेरे नज़रों की हर बात ने,

चाहे दिन हो चाहे या रात में....-2

मुझको बेगाना बना दिया,

जग से बेगाना बना दिया ।

दीवानगी क्या दीवाना है क्या,

ये सब तुम्हारी ही साज़िशें हैं,

बनाया पागल है इस कदर से,

ना मुझको खुद की ही अब खबर है,

तेरे रूप ने तेरे रंग ने,

तेरे दर पे उठती उमंग ने,

मुझको फ़साना बना दिया,

ज्योति को फ़साना बना दिया,

ये जो बाबा का दरबार है,

खाटू का दरबार है,

मेरे जीने का आधार है,

यही तो मेरा संसार है,

मुझको दीवाना बना दिया,

अपना दीवाना बना दिया......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।