तुम्हारे बिन ज़माने में

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तुम्हारे बिन ज़माने में,

नहीं कोई हमारा है,

हमें तुम पर भरोसा है,

तुम्हारा ही सहारा है,

तुम्हारे बिन जमाने में,

नहीं कोई हमारा है॥

लिखी तक़दीर फुरसत में,

ग़मों पे गम ही लिख डाले,

रही ना याद ख़ुशियों की,

तभी तो गम थे लिख डाले,

बड़ी उम्मीद से तुमको,

श्याम हमने पुकारा है ,

हमें तुम पर भरोसा है,

हमें तुम पर भरोसा है,

तुम्हारा ही सहारा है,

तुम्हारे बिन जमाने में,

नहीं कोई हमारा है।

बताओ तुम कहाँ जाऊँ,

नज़र रस्ता नहीं आता,

सिवा इस दर के, दर कोई,

नजर मुझको नहीं आता,

तुम्ही से मेरी मंजिल हो,

तुम्ही से हर किनारा हो,

हमें तुम पर भरोसा है,

हमें तुम पर भरोसा है,

तुम्हारा ही सहारा है,

तुम्हारे बिन जमाने में,

नहीं कोई हमारा है।

सुनों या ना सुनों मेरी,

श्याम मर्जी तुम्हारी है,

रहम की बस नज़र कर दो,

यही अर्जी हमारी है,

तुम्हारे दर से पल भर भी,

नहीं हटना गँवारा है,

हमें तुम पर भरोसा है,

तुम्हारा ही सहारा है,

तुम्हारे बिन जमाने में,

नहीं कोई हमारा है......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।