आज दूल्हा बने है नंदलाल

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

आज दूल्हा बने है नंदलाल, की जोड़ी का जवाब नही॥

की जोड़ी का जवाब नही की जोड़ी का जवाब नही,

आज दूल्हा बने है नंदलाल, की जोड़ी का जवाब नही॥

रुक्मणी मेरी गोरी गोरी, रुक्मणी मेरी गोरी गोरी,

और सावले है नंदलाल, और सावले है नंदलाल,

की जोड़ी का जवाब नही की जोड़ी का जवाब नही,

आज दूल्हा बने है नंदलाल, की जोड़ी का जवाब नही,

रुक्मणी मेरी महेलो वाली, रुक्मणी मेरी महेलो वाली,

और गाए चरावे नंदलाल, की जोड़ी का जवाब नही,

की जोड़ी का जवाब नही की जोड़ी का जवाब नही,

आज दूल्हा बने है नंदलाल, की जोड़ी का जवाब नही,

रकमणी ओढ़े लाल चुनरिया, रकमणी ओढ़े लाल चुनरिया,

और कारी कमरिया नंदलाल, की जोड़ी का जवाब नही,

की जोड़ी का जवाब नही की जोड़ी का जवाब नही,

आज दूल्हा बने है नंदलाल, की जोड़ी का जवाब नही,

आज दूल्हा बने है नंदलाल, की जोड़ी का जवाब नही,॥

की जोड़ी का जवाब नही की जोड़ी का जवाब नही,

आज दूल्हा बने है नंदलाल, की जोड़ी का जवाब नही,॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।