प्रभु खिचे हुए बंधे हुए चले आयेंगे

पारंपरिक
अन्य भजन विविध भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

जरा तारों से तारे मिलाके तो देख,

ज़रा मोहन को दिल से बुला के तो देख,

प्रभु खिचे हुए बंधे हुए चले आयेंगे ।

पाया धन्ना ने पत्थर को प्रभु मान कर ।

पाया मीरा ने विष का अमर पान कर ॥

पाया केवट ने धो धो चरण धुल को ।

उन्ही चरणों में मस्तक झुका के तो देख,

प्रभु खिचे हुए बंधे हुए चले आयेंगे ॥

पाया जिस ने भी उसको मिला प्रेम धाम ।

तारे पत्थर लिखा जिनपे रघुवर का नाम ॥

तेरी नैया किनारे से क्यूं ना लगे ।

नाम उनका तू दिल पे लिखा के तो देख,

प्रभु खिचे हुए बंधे हुए चले आयेंगे ॥

वो है ठाकुर पुजारी तू बन के तो देख ।

वो हैं दाता भिखारी तू बन के तो देख ॥

उनके दर से नहीं कोई खाली गया।

उनके आगे तू झोली फैला के तो देख,

प्रभु खिचे हुए बंधे हुए चले आयेंगे ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।