खाटू की जन्नत

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तेरी आँखें भी जन्नत हैं,

तेरा मुखड़ा भी जन्नत है,

वो जन्नत है तेरा खाटू,

तेरी गलियां भी जन्नत हैं,

वो जन्नत हैं तेरी आँखें,

तेरा मुखड़ा भी जन्नत हैं,

ओ तेरे शहर भी जन्नत हैं,

तेरे फूल भी जन्नत हैं,

हमें बिन मांगे देता,

तेरा साथ ही जन्नत है,

ओ जन्नत है तेरी सेवा,

तेरी दहलीज़ जन्नत है,

वो जन्नत है तेरा इत्तर,

तेरा शृंगार जन्नत है।

अब तेरे बिन ओ बाबा,

सब ही बेगाना हो गया,

तेरी है कसम, तेरी है कसम,

मेरे हारे का सहारा हो गया,

तेरे चरणों में जन्नत है,

तेरे भजनो में जन्नत है,

ओ जन्नत है तेरा लीला,

तेरह सीढ़ी भी जन्नत हैं।

रोता नहीं कुछ खोता नहीं,

जिसे तेरा जो सहारा हो गया,

तेरी है कसम, तेरी है कसम,

बाबा तुझे जो प्यारा हो गया,

तेरे प्रेमी भी जन्नत हैं,

तेरी दुनिया भी जन्नत है,

वो जन्नत है तेरा खाटू,

तेरी गलियां भी जन्नत हैं।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।