बाला जी तेरे प्यार में

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

बाला जी तेरे प्यार में,

मैं नाचूँ दरबार में,

बाला जी तेरे प्यार में,

मैं नाचूँ दरबार में,

की तन्ने इसे मोह लिए,

हम तो तेरे हो लिए,

तुम्हारे संसार में,

बाला जी तेरे प्यार में,

मैं नाचूँ दरबार में।

तू दिया और हम हैं बाती,

ये ज्योत तेरी जल जल जाती,

तू धर दे कतार में,

मैं नाचूँ दरबार में,

बाला जी तेरे प्यार में,

मैं नाचूँ दरबार में।

मेहंदीपुर वाले बालाजी,

सालासर वाले बालाजी,

तू सागर और हम हैं पानी,

एक जैसी अपनी कहानी,

या चर्चा बाज़ार में,

मैं नाचूँ दरबार में

बाला जी तेरे प्यार में,

मैं नाचूँ दरबार में।

तू है धागा, हम हैं मोती,

ये माला अब तैयार होती,

जो सजे श्रृंगार में,

मैं नाचूँ दरबार में

बाला जी तेरे प्यार में,

मैं नाचूँ दरबार में।

मुकेश फौजी ना कोई शंका,

कमल सिंह का बज रहा डंका,

उजाला अन्धकार में,

मैं नाचूँ दरबार में

बाला जी तेरे प्यार में,

मैं नाचूँ दरबार में......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।