जिनके सिर पर साँवरियें का हाथ है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जिनके सिर पर, साँवरियें का हाथ है,

उन भक्तो के देखो, कितने ठाट है,

क्या बात है क्या बात है,

तुम देखो जाकर के,

जिनके सिर पर, साँवरियें का हाथ है,

उन भक्तो के देखो, कितने ठाट है।।

अपने भक्तो के ऊपर, ये किरपा बरसाता है,

हर संकट से पहले ही, बाबा दौड़ा आता है......-2

कदम कदम पर रहता, उनके साथ है,

उन भक्तो के देखो, कितने ठाट है।।

जिनके सिर पर, साँवरियें का हाथ है......

सारी दुनिया जान गई, सच्चा तेरा द्वार है,

सच्चे दिल से याद करे, उसका बेडा पार है.....-2

भक्तो के संग रहता, दिन और रात है,

उन भक्तो के देखो, कितने ठाट है।।

जिनके सिर पर, साँवरियें का हाथ है......

जब जब जिसने नाम लिया, बाबा ने हर काम किया,

जब जब नैया डोली है, इसने आके थाम लिया.....-2

उनके घर में खुशियों की बरसात है,

उन भक्तो के देखो, कितने ठाट है।।

जिनके सिर पर, साँवरियें का हाथ है......

ग्यारस के दिन जिस घर में, इनकी ज्योति जलती है,

जाकर देखो उस घर में, रोज दिवाली मनती है.....-2

कदम कदम पे रहता, उनके साथ है,

उन भक्तो के देखो, कितने ठाट है।।

जिनके सिर पर, साँवरियें का हाथ है,

क्या बात है क्या बात है,

तुम देखो जाकर के,

जिनके सिर पर, साँवरियें का हाथ है,

उन भक्तो के देखो, कितने ठाट है।।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।