राधे कौन से पुण्य किए तूने

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

राधे कौन से पुण्य किए तूने,

हरी रोज तेरे घर आते हैं,

राधे कौन से पुण्य किए तूने,

हरी रोज तेरे घर आते हैं।।

राधे जब सोलह श्रृंगार करे,

राधे जब सोलह श्रृंगार करे,

हरी दर्पण रोज दिखाते हैं,

राधे कौन से पुण्य किए तूने,

हरी रोज तेरे घर आते हैं........

राधे जब भोजन तैयार करे,

राधे जब भोजन तैयार करे,

हरी माँग माँग कर खाते हैं,

राधे कौन से पुण्य किए तूने,

हरी रोज तेरे घर आते हैं........

राधे जब जमुना जल भरण गई,

राधे जब जमुना जल भरण गई,

हरी गागर रोज उठाते हैं,

राधे कौन से पुण्य किए तूने,

हरी रोज तेरे घर आते हैं,

राधे कौन से पुण्य किए तूने,

हरी रोज तेरे घर आते हैं..........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।