मेला लगा हुआ है मंदिर में

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मेला लगा हुआ है, मंदिर में कालिका के,

मेला लगा हुआ है, मंदिर में कालिका के।।

ये जो चमक रहे हैं, पत्थर इन्हे ना समझों,

ये जो चमक रहे हैं, पत्थर इन्हे ना समझों,

हीरे जड़े हुए हैं, हीरे जड़े हुए हैं,

मंदिर में कालिका के, मेला लगा हुआ है,

मंदिर में कालिका के ।

श्रद्धा और भावना के, चारों तरफ भवन में,

श्रद्धा और भावना के, चारों तरफ भवन में,

दीपक जगे हुए हैं, दीपक जगे हुए हैं,

मंदिर में कालिका के, मेला लगा हुआ है,

मंदिर में कालिका के।

करने को माँ के दर्शन, मंदिर में जाके देखो,

करने को माँ के दर्शन, मंदिर में जाके देखो,

भगत भी खड़े हुए हैं, भगत भी खड़े हुए हैं,

मंदिर में कालिका के, मेला लगा हुआ है,

मंदिर में कालिका के, मेला लगा हुआ है.........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।