कृष्ण कहने से तर जाएगा (नया)

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

कृष्ण कहने से तर जाएगा,

पार भव से उतर जायेगा,

कृष्ण कहने से तर जाएगा,

पार भव से उतर जायेगा,

हरे कृष्ण, हरे कृष्ण,

कृष्ण कृष्ण हरे हरे,

हरे राम हरे राम,

राम राम हरे हरे।

बड़ी मुश्किल से नर तन मिला,

बेसहारों का कर तू भला.....-2

काम ऐसा जो कर जाएगा,

पार भव से उतर जाएगा....-2

हरे कृष्ण, हरे कृष्ण,

कृष्ण कृष्ण हरे हरे,

हरे राम हरे राम,

राम राम हरे हरे।

जाने कितने दिनों की जिन्दगानी,

लोग कहते रहेंगे कहानी.....-2

हँसा पिंजरे से उड़ जाएगा,

पार भव से उतर जाएगा......-2

हरे कृष्ण, हरे कृष्ण,

कृष्ण कृष्ण हरे हरे,

हरे राम हरे राम,

राम राम हरे हरे।

जिसने जैसी करी होगी करनी,

उसको वैसी पड़ेगी रे भरनी.....-2

इक ना दिन तू पछतायेगा,

पार भव से उतर जाएगा......-2

हरे कृष्ण, हरे कृष्ण,

कृष्ण कृष्ण हरे हरे,

हरे राम हरे राम,

राम राम हरे हरे।

करना तन मन से हरी का भजन,

बस लगा ले प्रभु से लगन......-2

कृष्ण भक्ति में रंग जायेगा,

पार भव से उतर जाएगा.....-2

हरे कृष्ण, हरे कृष्ण,

कृष्ण कृष्ण हरे हरे,

हरे राम हरे राम,

राम राम हरे हरे।

कृष्ण कहने से तर जायेगा,

पार भव से उतर जाएगा,

कृष्ण कहने से तर जाएगा,

पार भव से उतर जायेगा,

हरे कृष्ण, हरे कृष्ण,

कृष्ण कृष्ण हरे हरे,

हरे राम हरे राम,

राम राम हरे हरे।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।