राम नाम बोलो मन

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन राम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

राम राम बोलो मन हरे राम बोलो रे।।

श्याम नाम बोलो मन हरे राम बोलो रे।।

बीत रहे दिन भजन बिना रे,

बीत रहे दिन भजन बिना रे,

भजन बिना यहाँ जीना मना रे,

भजन बिना यहाँ जीना मना रे,

राम राम बोलो मन हरे राम बोलो रे।।

मात पिता की सेवा करो रे,

मात पिता की सेवा करो रे,

सेवा करोगे तो मेवा मिले रे,

सेवा करोगे तो मेवा मिले रे,

राम राम बोलो मन हरे राम बोलो रे।।

जीवन की पतवार यही है,

जीवन की पतवार यही है,

राम बिना आधार नही है,

राम बिना आधार नही है,

राम राम बोलो मन हरे राम बोलो रे।।

भव सागर तो उंडा घना रे,

भव सागर तो उंडा घना रे,

पार उतर गए संत जना रे,

पार उतर गए संत जना रे,

राम राम बोलो मन हरे राम बोलो रे।।

आते जाते बोलो मन हरे राम बोलो रे,

आते जाते बोलो मन हरे राम बोलो रे,

खाते पीते बोलो मन हरे राम बोलो रे,

खाते पीते बोलो मन हरे राम बोलो रे,

प्रेम से बोलो मन भाव बोलो रे,

राम राम बोलो मन हरे राम बोलो रे।।

राम नाम बोलो मन हरे राम बोलो रे,

राम राम बोलो मन हरे राम बोलो रे,

प्रेम से बोलो मन भाव बोलो रे,

प्रेम से बोलो मन भाव बोलो रे,

राम राम बोलो मन हरे राम बोलो रे।।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।