कान्हा को जन्मदिन आयो

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

कान्हा को जन्मदिन आयो, भगतां को मन हर्षायो,

सारे नाचै दे दे ताल रे, कान्हा को जन्मदिन आयो.......

कोई बणवा केक है ल्यायो,

किने छपन्न भोग लगायो.....-2

कोई सूंठ मसर को आज रे बणवाकै कान्हा ल्यायो,

सारे नाचै दे दे ताल......

कोई भक्त पालणो ल्यायो,

गोपाल है जिसमें बिठायो.....-2

सारे रज कै झुलावै आज रे कान्हा को जन्मदिन आयो,

सारे नाचै दे दे ताल......

कोई भक्त गुब्बारा ल्यायो,

दरबार है दिल से सजायो.....-2

कोई भर कै माखन मटकी रे थारो भक्त साँवरा ल्यायो,

सारे नाचै दे दे ताल......

रवि भजन बणाकै ल्यायो,

और मिल भक्तां संग गायो.....-2

सुनीता कै भी भयो बड़ो चाव रे कान्हा को जन्मदिन आयो

सारे नाचै दे दे ताल......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।