महाकाल की नगरी में मकान होना चाहिए

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

मुझको तो बस महाकाल बाबा चाहिए ,

महाकाल की नगरी में मकान होना चाहिए,

महाकाल की नगरी में मकान होना चाहिए, शम्भू ।

हर दिन बाबा तेरे दर पे मैं आऊंगा,

रोज सुबह शाम तेरे दर्शन पाउँगा,

मुझको तो रोज तेरा दर्शन चाहिए,

मुझको तो रोज तेरा दर्शन चाहिए,

महाकाल की नगरी में मकान होना चाहिए......

आपका तो लगता है एक ही सपना,

बाबा महाकाल जपना और महाकाल अपना।।

क्षिप्रा जी में नहाकर माँ हस्ती में जाऊंगा

चिंता मन जाके चिंता मैं मिटाऊंगा

काल भैरव बाबा के दर्शन भी मुझे चाहिए

महाकाल की नगरी में मकान होना चाहिए.....

ना पैसा लगता है ना खर्चा लगता है,

बाबा महाकाल बोलिये बड़ा अच्छा लगता है......

तेरी ही कृपा से बाबा सारा ये संसार है,

किशन भगत पर भी तो बाबा तेरा आर्शीवाद है,

हम भगतों पर भी तो बाबा तेरा आर्शीवाद है,

तेरी ही कृपा से सारे काम होना चाहिए,

महाकाल की नगरी में मकान होना चाहिए.....

महाकाल तुमसे छुप जाए ऐसी कोई बात नहीं,

ओ कृपा तेरी मुझपर है मेरी कोई औकात नहीं,

ॐ नमः शिवाय...... ॐ नमः शिवाय.......

मुझको तो बस महाकाल बाबा चाहिए,

महाकाल की नगरी में मकान होना चाहिए...........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।