तेरा दरबार मैं नहीं छोड़ना बाबा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तेरा दरबार मैं नहीं छोड़ना बाबा,

तेरा दरबार मैं नहीं छोड़ना,

चाहे सारे बंधन मुझे...पड़े तोड़ना,

तेरा दरबार मैं नहीं छोड़ना.........

जबसे नज़रें मिली तुमसे ओ सांवरे,

तू ही देता है मुझको दिखाई.......-2

तेरे नाम का ऐसा असर है हुआ,

श्याम धुन में है दुनिया भुलाई,

आज दिल से दिल का नाता मैं जोड़ना,

तेरा दरबार मैं नहीं छोड़ना बाबा......

जी भरके मैं देखूं तुझे मेरे श्याम,

मैं निगाहों में तुझको बसा लूँ.......-2

मेरे बाबा कही कोई तुमसे नहीं,

अपने दिल में मैं तुझको छुपा लूँ,

तेरे साथ वादा किया नहीं तोडना,

तेरा दरबार मैं नहीं छोड़ना बाबा.......

तेरी चौखट पे जबसे ये सर है झुका,

मुस्कुराने लगी ज़िंदगानी.......-2

तेरी रहमत जो मुझपे बरसने लगी,

श्याम तेरी है ये मिहरबानी,

कहीं जोड़ के ये नाता नहीं तोडना

तेरा दरबार मैं नहीं छोड़ना बाबा

तेरा दरबार मैं नहीं छोड़ना..........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।