तेरे व्रत की महिमा महान हे माँ संतोषी

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

तेरे व्रत की महिमा महान हे माँ संतोषी,

रहे ऊँची तेरी शान....हे माँ संतोषी,

तेरे व्रत की महिमा महान हे माँ संतोषी......

सारे जहां की दाती लिखे तकदीर तू,

चाहे वो राजा हो या चाहे फ़कीर हो......-2

दे होंठो पे मुस्कान हे माँ संतोषी,

तेरे व्रत की महिमा महान हे माँ संतोषी......

सब सुख की दानी दाती सब सुख की खान हो,

चिंता मिटाती सबकी तुम तो महान हो......-2

करे हर मुश्किल आसान हे माँ संतोषी,

तेरे व्रत की महिमा महान हे माँ संतोषी......

देती दुआएं सबको ताज बनाये तू,

संतोषी रूपी दीपक मन में जलाये तू.....-2

देती संतोष का दान हे माँ संतोषी,

तेरे व्रत की महिमा महान हे माँ संतोषी......

तेरी कृपा से मेरा हुआ हर मेरा काम है,

करती कराती तुम हो बस मेरा नाम है.....-2

मेरी तुझसे है पहचान हे माँ संतोषी,

तेरे व्रत की महिमा महान हे माँ संतोषी,

रहे ऊँची तेरी शान....हे माँ संतोषी,

तेरे व्रत की महिमा महान हे माँ संतोषी......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।