तेरे चरण कमल तो वारी

नरेन्द्र चंचल
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

तेरे चरण, कमल तो वारी xll

बलिहारी,,, शेराँवाली ll

*तूँ दीन, दुःखी हितकारी xll

तूँ दीन, दुःखी हितकारी,

बलिहारी,,, शेराँवाली

तेरे चरण, कमल तो वारी xll,

बलिहारी,,, शेराँवाली ll

भक्तों ने, तेरी ज्योत जगाई l

ज्योत जगाई, छवि बनबाई ll

हे चंचल ने भी, करी त्यारी,,,

तेरे चरण, कमल तो वारी xll,

बलिहारी,,, शेराँवाली ll

चंदन चौकी, आसन लाया l

आन विराजो, हे महाँमाया ll

हे माँ, सुन लो अर्ज़ हमारी,,,

तेरे चरण, कमल तो वारी xll,

बलिहारी, शेराँवाली ll

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।