जन्मे श्री कृष्णा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मात यशोदा देखो, कैसी हरषाई,

नन्द के घर ललना की बजती बधाई ।

बाजे रे नौबत घर में देखो जी, देखो गूँज रही तान,

सारे खुशियां मनाते देखो, नाचते गाते,

जन्में हैं नन्द घर श्याम।

मात यशोदा देखो, कैसी हरषाई रे,

नन्द जी के ललना की बजती बधाई रे.....-2

नाचे रे सब नर नारी,

गोकुल है लागे सुख को रे धाम,

सबके मुख पे छै लाली मतवाली,

बड़ी प्यारी लागे देखो मुस्कान.....

जय जय राधे,

जय जय राधे बोल।

हिल मिल सखियाँ यशोदा घर आई है,

माँग रही मैया से वो, लाल की बधाई हैं.....-2

देखो नन्द देते रे बधाई,

करे हीरे मोतियों का दान,

सबका मोह लेते मन,

कैसा बरसा आनंद,

देखे ललना मुस्कान,

सारे खुशियां मनाते देखो, नाचते गाते,

जन्में हैं नन्द घर श्याम।

ब्रह्मा बजाते शंख, विष्णु भी नाँचते,

शंकर बजा के डमरुँ, श्याम को दुलारते.....-2

जन्मे हैं विष्णु अवतार,

तारेंगे ये तो सारा ही जहान,

देव सारे यश गाते फूल मिलके,

बरसाते गाते सारे मंगल गान

देखे ललना मुस्कान,

सारे खुशियां मनाते देखो,

नाचते गाते,

जन्में हैं नन्द घर श्याम।

बाजे रे नौबत घर में देखो जी, देखो गूँज रही तान,

सारे खुशियां मनाते देखो, नाचते गाते,

जन्में हैं नन्द घर श्याम......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।