मेरा जुग जुग जीवे कन्हैया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मैया यशोदा नज़रे उतारे,

लल्ला को जी भर अपने निहारे,

कहती वो लेकर बलइयां,

मेरा जुग जुग जीवे कन्हैयां........-2

मोटे मोटे नैन से देख के मोहे,

लल्ला मेरा जब मुस्काएं.....-2

इसकी प्यारी प्यारी अदा पे,

बलिहारी ये मैया जाए,

पालने को इसके मैया झुलाती,

लल्ला को मीठी मीठी लोरी सुनाती,

नैनों में आ जा री निंदिया,

मेरा जुग जुग जीवे कन्हैया......

कहती सखियाँ बृज की मोसें,

नटखट है बड़ा तेरा लाला.....-2

इसके आते फैला बृज में,

देखो चारों और उजाला,

सारे ब्रिज में धूम मची है,

गोकुल नगरी खूब सजी है,

नन्द बाबा बांटे मिठाईया,

मेरा जुग जुग जीवे कन्हैयां.....

तू तो लल्ला चाँद का टुकड़ा,

प्राणों से मुझको प्यारा है.....-2

तुझसे रोशन मेरा जीवन,

मेरी आँख का तू तारा है,

सूनी थी ये महल अटारी,

गूँजी तेरी जो किलकारी,

धन्य हुई कुंदन ये मैया,

मेरा जुग जुग जीवे कन्हैयां,

मेरा जुग जुग जीवे कन्हैयां।

मैया यशोदा नजरे उतारें,

लल्ला को जी भर अपने निहारे,

कहती वो लेकर बलइयां,

मेरा जुग जुग जीवे कन्हैयां.........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।