हम तो पले है तेरी छांव में

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

हम पे है तेरा उपकार,

ओ बाबा हम तो पले हैं,

तेरी छाँव में,

हम पे है तेरा उपकार।

जब से जुड़ा हूँ तेरे,

दरबार से मैं बाबा,

तेरा साथ पाया,

सुख हो या दुख हो,

सदा अपने सर पे मैंने,

तेरा हाथ पाया,

इतना दिया है तूने प्यार,

इतना दिया है तूने प्यार,

ओ बाबा हम तो पले हैं,

तेरी छाँव में,

हम पे है तेरा उपकार.......

अहसान इतने,

मुझपे किए हैं तूने,

कैसे गिनाऊँ,

रोम रोम डूबा तेरे,

कर्जे में तेरा कर्जा,

कैसे चुकाऊँ,

तुमने संवारा परिवार,

तुमने सँवारा परिवार,

ओ बाबा हम तो पले हैं,

तेरी छाँव में,

हम पे है तेरा उपकार......

दिल की तू समझे,

बिन समझाए ऐसा,

अहसास होता,

जब जब पुकारुं तुझको,

लगता है मेरे तू,

आस पास होता,

ऐसे जुड़े है दिल के तार,

ऐसे जुड़े है दिल के तार,

ओ बाबा हम तो पले हैं,

तेरी छाँव में,

हम पे है तेरा उपकार.....

अंतिम सफर में,

अंतिम डगर तक मेरा,

साथ निभाना,

अंतिम समय में मेरी,

उंगली पकड़ कर,

अपने संग ले जाना,

रोमी की इतनी मनुहार,

रोमी की इतनी मनुहार,

ओ बाबा हम तो पले हैं,

तेरी छाँव में,

हम पे है तेरा उपकार.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।