आधी रात को जन्म भयो है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

आधी रात को जन्म भयो है

यसुदा सूट को है ना।

मेरी बात नही है यारो बात ये सच है ना ।।

बोलो है ना है ना है ना।।

आधी रात को.......

यशोदा माँ के भाग जगे हैं

नंद बाबा हर्षाए।।

नील गगन से देवता सारे।

सुमन बहुत बरसायें।

सुमन बहुत बरसाएँ

मन ही मन हर्षाए।।

छाई खुशिया सकल जगत में

दिन हो गई ये रैना।।

बोलो है ना है ना है ना।।

आधी रात को.......

नंद बाबा ने हीरा मोती

वस्त्र बहुत बटबाये।।

यशोदा माँ के प्यारे सुत के

दर्शन को सब आये।

दर्शन को सब आये

वस्त्र बहुत बटबाये।।

नंद बाबा ने पायो है सुत

बोले तोता मैना।।

बोलो है ना है ना है ना।।

आधी रात.............

बाजे बधाबा हर घर घर में

सब नाचे सब गायें।।

बंधनवार बंधे हर घर घर में

हर घर दीप मालाएँ।

हर घर दीप मालाएँ

सब नाचे सब गायें।।

राजेंद्र आयो कृष्णा कन्हैया

सबके एक ही बैना।

बोलो है ना है ना हैं ना।।

आधी रात को जनम भयो है

जसुदा सुत को है ना.......

गीतकार/गायक -राजेंद्र प्रसाद सोनी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।