तूने जब जब किया श्रंगार

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

चंदा शरमाया तूने जब जब किया श्रृंगार,

मुस्कान तेरी प्यारी,

हुई दिल के आर पार,

मेरा दिल करता है बाबा,

तुझे देखूं बार बार।।

चंदा शरमाया.......

सूरज की पहली किरणे भी,

देख तुझे शर्माती है,

तेरे इन होठों की लाली,

दिल घायल कर जाती है,

जब मुस्काए तू मोहन,

जब मुस्काए तू मोहन,

तो छा जाती है बहार,

चन्दा शरमाया तूने जब जब किया श्रंगार......

आंखे हैं मस्ती की प्याली,

जो इनमें खो जाता है,

खो देता है अपनी सुद्ध बुद्ध,

बस तेरे गुण गाता है,

तेरी इसी अदा पे मोहन,

तेरी इसी अदा पे मोहन,

ये जग जाए बलिहार चंदा,

चन्दा शरमाया तूने जब जब किया श्रंगार.......

तीनो लोक तरसते मोहन,

दर्शन तेरा पाने को,

सत्य भी तेरे दर पे आया,

बाबा तुझे रिझाने को,

इसे अपनी शरण में ले ले,

इसे अपनी शरण में ले ले,

तुझे निरखे बार बार,

चन्दा शरमाया तूने जब जब किया श्रंगार.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।