आई बहार हँसते-हँसते

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

आई बहार हँसते-हँसते,

आया साँवला सरकार,

हँसते-हँसते।

परम अनूप आया,

त्रिभुवन का भूप आया.....-2

रघुवर सरताज हँसते हंसते,

आया साँवला सरकार हँसते-हँसते,

आई बहार हँसते-हँसते,

आया साँवला सरकार,

हँसते-हँसते।

नाथों का नाथ आया,

करने सनाथ आया....-2

श्रृष्टि सुधार हँसते हंसते,

आया साँवला सरकार हँसते-हँसते,

आई बहार हँसते-हँसते,

आया साँवला सरकार,

हँसते-हँसते।

तपसिन का त्याग,

भक्तन अनुराग आया.....-2

प्रेमिन का प्यार हँसते हंसते,

आया साँवला सरकार हँसते-हँसते,

आई बहार हँसते-हँसते,

आया साँवला सरकार,

हँसते-हँसते।

किसी का भगवान आया,

शंकर का ध्यान आया,

किसी का भगवान आया,

बाबा का ध्यान आया,

वेदों का सार हँसते हंसते,

आया साँवला सरकार हँसते-हँसते,

आई बहार हँसते-हँसते,

आया साँवला सरकार,

हँसते-हँसते।

भरत जी का भाई आया ,

जनकजी का जमाई आया।

मिथिला का श्रृंगार हँसते हंसते,

आया साँवला सरकार हँसते-हँसते,

आई बहार हँसते-हँसते,

आया साँवला सरकार,

हँसते-हँसते।

प्रगटे अवध में आके,

कौशल्या के लाल कहाके,

दशरथ कुमार हँसते हंसते,

आया साँवला सरकार हँसते-हँसते,

आई बहार हँसते-हँसते,

आया साँवला सरकार,

हँसते-हँसते।

तजि के साकेत आया,

परिकर को संग लाया,

भई जय-जयकार हँसते हंसते,

आया साँवला सरकार हँसते-हँसते,

आई बहार हँसते-हँसते,

आया साँवला सरकार,

हँसते-हँसते.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।