सारे पा लो जी राम नाम दा गहणा

पारंपरिक
हनुमान जी भजन राम भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

सारे पा लो जी राम नाम दा गहणां,

राम नाम दा गहणां पाके,

सदा सुहागण रहणां, सारे पा लो जी राम,

एह गहणां मीरा ने पाया श्याम दीवानी होई,

राणा ने फिर जहर पेजेया मार ना सकेया कोई

मीरां बरगा प्यार जे पाणां,

ज़हर भी पीणां पैंणां, सारे पा लो जी राम,

एह गहणां हनुमान जी पाया पूजे सारा जमाना,

इस गहणें दी महिमा गाए नारद दा एक तारा,

कर ले कमाई नेक सजना,

नाल तां कुछ नहीं जाणां, सारे पा लो जी राम,

एह गहणां गुरु नानक पाया अमर होए जग उते,

धन्ने ने फिर ऐसा पाया भाग जाग ग‌‌ए सुते,

आओ सारे भाग जगाईए,

मन संता दा कहणां, सारे पा लो जी राम,

इस गहणें नूं पा के पगतो शंका ना कोई करना,

एह है ऐसा सुंदर गहणां चोरी दा कोई डर ना,

चूठी दुनिया विच क्यों फंसाया,

दुनिया तों की लेणां, सारे पा लो जी राम नाम

इस गहणें नूं पा के पगतो जीवन सफल बनाणां,

राम नाम दी महिमा गा के आवागमन मिटाणां,

बणं दीवाना श्याम दा बन्दे,

जे मस्ती विच रहणां, सारे पालो जी राम,

राम नाम दी चूड़ी पा लो राम नाम दी बिंदी ला लो,

राम नाम दी टोकरी विचों कड-कड के हर गहणां पा लो,

राम नाम दी मांग सजा के,

सदा सुहागण रहणां, सारे पालो जी राम नाम का गाना

राम नाम दा गहणां पा के सदा सुहागण रहणां.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।