सांवरे को दिल मे बसा कर तो देखो

चित्र विचित्र
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सांवरे को दिल में बसाकर तो देखो

सांवरे को दिल में बसाकर तो देखो

दुनिया से मन को हटाकर देखो

बड़ा ही दयालु है बांके बिहारी

बड़ा ही दयालु है बांके बिहारी

इक बार वृन्दावन आ कर तो देखो......

बांके बिहारी भक्तों के दिलदार

सदा लुटाते हैं कृपा के भण्डार

हो बांके बिहारी भक्तों के दिलदार

सदा लुटाते हैं कृपा के भण्डार

बांके बिहारी भक्तों के दिलदार

सदा लुटाते हैं कृपा के भण्डार

मीरा ने जैसे गिरिधर को पाया

हो मीरा ने जैसे गिरिधर को पाया

प्याला ज़हर का अमृत बनाया

हो प्याला ज़हर का अमृत बनाया

ओ प्याला ज़हर का अमृत बनाया

प्याला ज़हर का अमृत बनाया

तुम अपनी हस्ती मिटाकर तो देखो

इक बार वृन्दावन आ कर तो देखो....

तेरी पल में झोली वो भर देगा

ओ.. तेरी पल में झोली वो भर देगा

दुःख दर्द जिंदगी के वो हर लेगा

ओ…

दुःख दर्द जिंदगी के वो हर लेगा

ओ दुःख दर्द जिंदगी के वो हर लेगा

दुःख दर्द जिंदगी के वो हर लेगा

चौखट पे दामन फैला कर तो देखो

इक बार वृन्दावन आ कर तो देखो

इक बार वृन्दावन आ कर तो देखो......

शाम बिना तेरा कोई ना अपना

ओ…

शाम बिना तेरा कोई ना अपना

ये दुनिया है सब झूठा सपना

आ…

ये दुनिया है सब झूठा सपना

ये दुनिया है सब झूठा सपना

नजरों से पर्दा हटाकर तो देखो

इक बार वृन्दावन आ कर तो देखो

इक बार वृन्दावन आ कर तो देखो....

चित्र विचित्र का तू मान ले कहना

आ…

चित्र विचित्र का तू मान ले कहना

प्रभु चरणो से कहीं दूर नहीं रहना

ओ…

प्रभु चरणो से कहीं दूर नहीं रहना

प्रभु चरणो से कहीं दूर नहीं रहना

जिंदगी ये बंदगी में मिटा कर तो देखो

इक बार वृन्दावन आ कर के देखो......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।