॥ पावन पाठ ॥
भजो भजो गोपाल,
देखो प्रकट भये नंदलाला,
देखो प्रकट भये नंदलाला,
भजो भजो गोपाल, बृज में,
प्रकट भये नंदलाला,
देखो प्रकट भये नंदलाला,
बाल रूप में आया देखो,
जग का पालनहारा,
भजो भजो गोपाल, बृज में,
प्रकट भये नंदलाला,
देखो प्रकट भये नंदलाला।
मोटे मोटे नैन हैं,
उनपर काजल डारे,
अधरों पे है बाँसुरी,
केश हैं घूँघर वारे,
मोर मुकुट माथे पर साजे,
गल वैजयंती माला,
भजो भजो गोपाल, बृज में,
प्रकट भये नंदलाला,
देखो प्रकट भये नंदलाला।
श्रष्टि चलाने वाला,
आँगन शोर मचाए,
ग्वाल बाल संग मिलकर के,
माखन खूब चुराए,
सखियों पे ना जाने इसने,
कैसा जादू डाला,
भजो भजो गोपाल,
देखो प्रकट भये नंदलाला,
देखो प्रकट भये नंदलाला,
भजो भजो गोपाल, बृज में,
प्रकट भये नंदलाला,
देखो प्रकट भये नंदलाला,
बाल रूप में आया देखो,
जग का पालनहारा,
भजो भजो गोपाल, बृज में,
प्रकट भये नंदलाला......