तुम बिना मैं कुछ नहीं

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तुम बिना मैं कुछ नहीं हूँ राधिके प्रिया

जो भी था मेरा मेरा समर्पित तुमको कर दिया

तुम मुझसे दूर नहीं

मुझमे तुम समायी हो

मैं हु अगर काया तो

तुम मेरी परछाई हो ओ राधे…

क्यों भला घड़ी विरह की आज है आयी

कैसे दूर रहे सकेगी तन से परछाई

सागर से लहर भला कैसे अलग रह पाएंगी

कृष्ण से जो दुरी हो राधा कहां सह पायेगी

ओ कृष्णा…

राधा राधा राधा राधा

कृष्ण कृष्ण कृष्ण

राधा राधा राधा राधा

कृष्ण कृष्ण कृष्ण

राधा कृष्ण राधा कृष्ण राधा कृष्ण

कृष्ण कृष्ण

राधा कृष्ण राधा कृष्ण राधा कृष्ण

कृष्ण कृष्ण

पाने को ही प्रेम कहे

जग की है यही रीत

प्रेम अर्थ समझायेगी

राधा कृष्णा की प्रीत

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।