तेरे संग मैं खड़ा रहा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

होके परेशां ऐसे क्यों आंसू बहा रहा,

कब तू अकेला था तेरे संग मैं खड़ा रहा,

होके परेशां ऐसे क्यों आंसू बहा रहा।

माना की मुझको आने में कुछ देर हो गई,

पर ना समझ तू ये कभी अंधेर हो गई,

साया मेरा है तेरे संग तू जहाँ जहाँ चला,

कब तू अकेला था तेरे संग मैं खड़ा रहा,

होके परेशां ऐसे क्यों.......

विश्वास का है नाता ये कमज़ोर तू ना हो,

छोड़ू ना साथ तेरा मैं कोई और हो ना हो,

तू भी निभाना जैसे मैं तुझको निभा रहा,

कब तू अकेला था तेरे संग मैं खड़ा रहा,

होके परेशां ऐसे क्यों......

चारों पहर ही आएंगे ये ही विधान है,

रातों के बीत जाने पे रोशन जहान है,

राघव ये सीख है तुझे जो मैं सिखा रहा,

कब तू अकेला था तेरे संग मैं खड़ा रहा,

होके परेशां ऐसे क्यों आंसू बहा रहा।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।