हम श्याम दीवाने हैं ये शान से कहते हैं

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

हम श्याम दीवाने हैं,

ये शान से कहते हैं,

दिन रात साँवरे की,

मस्ती में ही रहते हैं।

मिल जाये कोई प्रेमी,

ना हैलो ना हाय.....-2

बाबा का नाम लेके,

जय श्याम जी कहते हैं,

दिन रात साँवरे की,

मस्ती में ही रहते हैं।

जब संग साँवरा है,

किस बात की चिंता है....-2

खुशियाँ और ग़म सारे,

हँसते हुए सहते हैं,

दिन रात साँवरे की,

मस्ती में ही रहते हैं।

कोई पूछे पता हम से,

क्या ठोर ठिकाना है....-2

हम अपने साँवरे के,

चरणों में ही रहते हैं,

दिन रात साँवरे की,

मस्ती में ही रहते हैं।

मेरी जीवन नैया का,

है श्याम खिवैया तू....-2

जब डूबे सब दुनियाँ,

हम शान से बहते हैं,

दिन रात साँवरे की,

मस्ती में ही रहते हैं।

क्या लेना है दुनियाँ से,

सब शोर शराबा है....-2

मीतू के भजनों में,

हम खोए रहते हैं,

दिन रात साँवरे की,

मस्ती में ही रहते हैं.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।