हम श्याम दीवाने

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

श्याम की करते बाते गाते श्याम तराने,

श्याम नाम से हमको सारे इस जग में पहचाने,

हम श्याम दीवाने, हम श्याम दीवाने.....

कोशिश करले तूफ़ा कितना शोर मचाले,

हमको डर क्या हमको बाबा श्याम संभाले,

इसके नूर से रोशन अपनी जीवन ज्योति,

बुझ नहीं सकती कितना हवाएं जोर लगाले,

सांस हमारी ज्योति श्याम की हम उसके परवाने,

हम श्याम दीवाने, हम श्याम दीवाने......

सुख दुःख दोनों हंसकर हम तो सह जाते हैं,

श्याम रज़ा में हम तो राज़ी रह जाते हैं,

प्रेम की भाषा सिखलाई है श्याम ने हमको,

इसीलिए तो श्याम के प्रेमी कहलाते हैं,

लाख मुश्किलें फिर भी हरपल चेहरों पे मुस्काने,

हम श्याम दीवाने, हम श्याम दीवाने.....

श्याम की सेवा और सुमिरन में व्यस्त रहें हम,

इसके भरोसे छोड़ के जीवन मस्त रहें हम,

श्याम प्रेम का एक ही हमको रोग लगा है,

बाकी तो तन मन दोनों से स्वस्थ रहें हम,

मौज में इसकी इसकी लहर में रहते हम मस्ताने,

हम श्याम दीवाने, हम श्याम दीवाने.....

सोनू मीरा जैसा ना एहसास हमारा,

ना ही नरसिंह जैसा है विश्वास हमारा,

लेकिन ये कह सकते हैं हम गर्व से प्यारे,

तुमसे बढ़कर कोई नहीं है ख़ास हमारा,

तेरे मिलन को तेरे दरश को ढूंढें रोज़ बहाने,

हम श्याम दीवाने, हम श्याम दीवाने......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।