सारो जगत छोड़ रे आइयो

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सारो जगत छोड़ रे आइयो,बाबाजी मै तो थारे दवार,

हारया रो साथ निभा दे रे,

दुखियारो दवारे हिवडे लगा ले रे....

कालजडो तो म्हारो घणो दुख पावे,

याद करू तो नैणा भर भर आवै,

घर का ने तो टोया-टोया गांव का,

कोई ना दियो रे म्हारो साथ,

दिना रा दाता हाथ बढा दे रै,

दुखियारो दवारे हिवडे लगा ले रे....

काली काली बदली आ सर पर गरजै

चिमके बिजुरिया तो हियो म्हारो धडके

बाट ऊडीके टाबर एकलो,छाई अंधियारी काली रात

भगता रा भीडी भीड हटा दे रे

दुखियारो दवारे हिवडे लगा ले रे....

भणक पडी जद काना प्रभु के,

दवारे खडयो लीलो घोडो धडके,

हांक रहया लीलो घोडलियो,मोरछडी लीनी हाथ,

म्हारो बाबुल म्हासु मिलवा ने आयो छै,

भगता रो भीडी मिलबा ने आयो छै

दुखियारो दवारे हिवडे लगा ले रे....

दिन दुखी ने बाबो हिवडे लगाके,

मत घबरावे बोल्यो धीर बंधाके,

हाथ फिरावे सिर पर सांवरो,लिन्यो कालजे लगाय,

म्हारो बाबो म्हारो मान बढायो जी,

म्हारो बाबो आके लाड लडायो जी...

सारो जगत छोड़ रे आइयो,बाबाजी मै तो थारे द्बार,

हारया रो साथ निभा दे रे,

दुखियारो द्बारे हिवडे लगा ले रे....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।