मैया रानी तेरे भवन में मैंने बोया गुलाब

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मैया रानी तेरे भवन में, मैंने बोया गुलबा, मैंने बोया गुलाब

सबने बोया बेला चमेला, मैया रानी तेरे भवन में, मैंने बोया गुलबा, मैंने बोया गुलाब

सबने सींचा बेला चमेला, मैया रानी तेरे भवन में, मैंने सींचा गुलबा, मैंने सींचा गुलाब

सबने तोड़ा बेला चमेला, मैया रानी तेरे भवन में, मैंने तोड़ा गुलबा, मैंने तोड़ा गुलाब

सबने चढ़ाये बेला चमेला, मैया रानी तेरे भवन में, मैं चड़ाऊ गुलबा, मैंने चड़ाऊ गुलाब

मैया रानी तेरे भवन में मैंने बोया गुलबा, मैंने बोया गुलाब

सबने मांगा धन और दौलत, मैया रानी तेरे भवन में, मैं तो मांगू सुहाग, मैं तो मांगू सुहाग

सबने मांगा गाड़ी बांग्ला, मैया रानी तेरे भवन में, मैं तो मांगू नन्दलाल, मैं तो मांगू नन्दलाल

मैया रानी तेरे भवन में मैंने बोया गुलबा, मैंने बोया गुलाब

मैया रानी तेरे भवन में मैंने बोया गुलबा, मैंने बोया गुलाब

ना चाहिए मुझे धन और दौलत, मैया रानी तेरे भवन में, मेरा जीवे सुहाग, मेरा जीवे सुहाग

ना चाहिए मुझे गाड़ी बांग्ला, मैया रानी तेरे भवन में, मेरा खेले नन्दलाल, मेरा खेले नन्दलाल,

मैया रानी तेरे भवन में मैंने बोया गुलबा, मैंने बोया गुलाब

नाम चित्रा

9911369849

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।