कान्हा ने अवतार लिया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

कान्हा ने अवतार लिया, भक्तों का बेड़ा पार किया......

पूतना जहर लगाकर आई, माँ का रुप बना आई,

बालक बन कान्हा दूध पीया, पूतना का उद्धार किया,

कान्हा ने………

शकटासुर का उद्धार करने, पालने में बालक बन लटके,

लात मारा शकटा मारा, शकटासुर का उद्धार किया,

कान्हा ने………

बकासुर का बगुला बन आया, ग्वाल बाल का राह निहारा,

चोंच फाड़ बगुला मारा, बकासुर का उद्धार किया,

कान्हा ने…….

भंवर कान्हा को उड़ा ले गया, आंधी तूफान ने गजब ढाया,

राह बीच भंवर को मारा, भंवर का उद्धार किया,

कान्हा ने……….

कंस था कान्हा का मामा, क्रोध में केशों को खींचा,

केश खींच कंस को मारा, कंस का बेड़ा पार किया,

कान्हा ने………….

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।